| सेंसर वर्ष: 1931 |
Aalam Aaraa |
आलम आरा |
| संगीतकार: फ़िरोज़शाह एम मिस्त्री, बी ईरानी |
अन्य संगीत संबंधी: |
| निर्देशक : अर्देशिर एम. ईरानी |
निर्माता : |
| कलाकार : ज़ुबेदा (शीर्षक भूमिका), मास्टर विट्ठल, ज़िल्लू, सुशीला, एलिज़र, जगदीश सेठी, पृथ्वीराज कपूर, वज़ीर मुहम्मद ख़ान, एल. वी. प्रसाद |
| अतिरिक्त कलाकार : |
| गीतकार : - |
म्यूज़िक कम्पनी: - |
| उपनाम: - |
| अतिरिक्त: ध्वनि-पटकथा लेखक : अर्देशिर एम. ईरानी, सम्वाद लेखक : जोसेफ डेविड, छायाकार : अदी ईरानी हिंदी-उर्दू भाषा मे निर्मित यह प्रथम भारतीय सवाक् ('All Talking Singing Dancing - संपूर्ण बोलती-गाती नाच के दृश्य दिखाती फिलम') फ़िल्म थी. संगीतकार श्री केरसी मिस्त्री के अनुसार फ़िल्म के सभी 7 गीतों की धुनें उनके पिताजी स्व. फ़िरोज़शाह एम. मिस्त्री (18. 06. 1880-18. 07. 1957) ने बनाईं थीं. इसी शीर्षक (Title) से वर्ष 1956 एवं 1973 में भी पुनः निर्मित एक-एक फ़िल्म सेंसर बोर्ड द्वारा पारित की गई थी एवं इन दोनों फ़िल्मों में भी, 1931 में सम्मिलित प्रथम हिंदी फ़िल्म गीत - दे दे ख़ुदा के नाम पे प्यारे. . . के ऐतिहासिक महत्व को समझते हुए, वज़ीर मुहम्मद ख़ान के ही स्वर में उन्हीं फ़िल्माते हुए, पुनः शामिल किया गया था. भारत सरकार द्वारा मार्च 1931 माह के लिए 2 अप्रैल 1931 को प्रकाशित गज़ट के पृष्ठ 297 (क्र. 10116) पर दी गई जानकारी के अनुसार सेंसर बोर्ड द्वारा फ़िल्म 'आलमआरा' का अवलोकन 9 मार्च 1931 को किया गया था एवं 11 मार्च 1931 को सेंसर प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया जिसके बाद इस प्रथम भारतीय सवाक् फ़िल्म का प्रथम प्रदर्शन गिरगांव, बंबई के मैजिस्टिक सिनेमा में 14 मार्च 1931 को किया गया था. |
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